पटना

विकियात्रा से
Jump to navigation Jump to search
पटना म्यूजियम
पटना म्यूजियम का गेट
Currency रूपया
Population १.६ million (2011)
Country code +91
Time zone +5:30
edit on Wikidata

पटना भारत के बिहार राज्य की राजधानी है और पूर्वी भारत का दूसरा सबसे बड़ा तथा उत्तरी भारत का पाँचवाँ सबसे बड़ा शहर है।

परिचय[सम्पादन]

पूर्वी भारत का एक प्रमुख शहर होने के साथ ही पटना का ऐतिहासिक महत्त्व भी है। यह पहले पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था। लगभग 500 ईसा पूर्व से 400 ईसवी के मध्य के दौर में यह भारतीय उपमहाद्वीप पर विस्तृत कुछ सबसे पहले भारतीय साम्राज्यों की राजधानी रहा है। अजातशत्रु ने गंगा के किनारे स्थित एक छोटे, किन्तु सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्राम, पाटलिग्राम में एक किला निर्मित करवा कर इसकी नींव रखी और बाद में यह विशाल मौर्य साम्राज्य और गुप्त साम्राज्य की राजधानी रहा। कहते हैं, जब गौतम बुद्ध यहाँ पहली बार आये तो उस समय यहाँ लकड़ी का किला और महल अभी निर्माणाधीन अवस्था में ही था और बुद्ध ने इसके भावी स्वर्णिम इतिहास की उसी समय भविष्यवाणी कर दी थी।

गंगा, सोन और पुनपुन नदियों के संगम पर बसा यह शहर व्यापार और सामरिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण था कि गंगा द्वारा उत्तरी मध्य भारत (मध्यदेश) से बंगाल की खाड़ी तक नावों द्वारा बड़ी मात्रा में व्यापार होता था। कुछ ही पश्चिम में गंडक नदी भी उत्तर से आकर गंगा में मिलती है।

मौर्यों और गुप्तों के अतिरिक्त यहाँ से पाल राजाओं ने भी शासन किया और शेर शाह सूरी ने भी। औरंगजेब के पौत्र, अजीमुश्शान ने अठारहवीं सदी में इसका नाम अजीमाबाद रखा। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का जन्म भी यहीं हुआ था।

पहुँचें[सम्पादन]

महात्मा गाँधी सेतु
पटना और हाजीपुर के बीच गंगा नदी पर बना सड़क मार्ग वाला महात्मा गांधी सेतु

हवाई जहाज से[सम्पादन]

पटना में पटना हवाई अड्डा है जिसे लोकनायक जयप्रकाश हवाई अड्डा के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ के लिए दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बंगलोर, अहमदाबाद, इंदौर और राँची से विमान उपलब्ध होते हैं। एयर इण्डिया, जेट एयरवेज, जेट लाईट और इंडीगो तथा गो एयर जैसी विमानन कंपनियाँ यहाँ के लिए, और यहाँ से, सेवायें संचालित करती हैं।

रेल द्वारा[सम्पादन]

पटना भारत के विभिन्न नगरों और महानगरों से रेल-मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा है। यह दिल्ली-हावड़ा जैसे प्रमुख और अत्यंत व्यस्त रेल-मार्ग पर स्थित है। गोरखपुर और वाराणसी (मुगलसराय) से भी भली-भांति जुड़ा है। लंबी दूरी की ट्रेन सेवायें मुंबई, पुणे, हैदराबाद इत्यादि शहरों तक जाती हैं।

उत्तर की तरफ़ चलने वाली रेलगाड़ियाँ हाजीपुर जंक्शन पर रुकती हैं जो पटना शहर के विपरीत किनारे पर गंगा के उत्तर में स्थित है। हाजीपुर और पटना के बीच प्रसिद्ध महात्मा गाँधी सेतु है जो असम के ढोल-सदिया पुल के निर्माण से पहले नदी के ऊपर बना भारत का सबसे लंबा पुल था, और अब अब दूसरा सबसे बड़ा पुल है।

देखें[सम्पादन]

पटना का नक्शा
  • 1 बुद्ध स्मृति उद्यान (बुद्धा मेमोरियल पार्क)रेलवे स्टेशन के पास उद्यान पटना जंक्शन के समीप, स्टेशन से बाहर निकल कर सीधे जाने पर कुछ दूरी के बाद बायीं ओर स्थित है। पुराने समय में यहाँ जेल हुआ करती थी। जेल के विस्तृत इलाके को अब पार्क में बदल दिया गया है। शहर कि भीड़ और शोरोगुल से निजात पाने के लिए यहाँ आना एक अच्छा विकल्प है। यहाँ एक समृद्ध और सुव्यवस्थित पुस्तकालय भी है। पार्क में बने स्तूप में वैशाली से लायी गयी बुद्ध स्मृतियाँ (बुद्ध के अवशेष) स्थापित हैं। यह पार्क सोमवार को बंद रहता है। पार्क में प्रवेश का शुल्क ₹10 है और स्तूप तक जाने के लिए आपको ₹50 का टिकट लेना होता है। ₹10, ₹50 स्तूप के लिए.
  • गांधी मैदान शहर के बीचोबीच एक बृहदाकार खाली मैदान है। इसका उपयोग राजनीतिक रैलियों और भाषण के लिए होता है। कई अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि भी यहाँ समय-समय पर आयोजित होते हैं। साल में एक बार यहाँ विशाल पुस्तक मेले का आयोजन भी होता है। अन्य समय में यह मैदान खाली ही रहता है। आप यहाँ सुबह टहलने जा सकते हैं।
  • गांधी संग्रहालय गांधी मैदान के समीप ही यह संग्रहालय स्थित है। यहाँ भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन से सम्बंधित काफी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  • गोलघर भारत के अन्य कई शहरों की तरह यहाँ भी अंग्रेजों द्वारा बनवाया गया गोलघर मौजूद है। शहर के मध्यवर्ती इलाके में यह भवन अंग्रेज कप्तान जॉन ग्रास्टिन द्वारा सेना के लिए रसद सामग्री एकत्रित रखने और शस्त्रागार के लिए बनवाया गया था।
  • हरमिंदर साहिब यह एक गुरुद्वारा है। सिख धर्म के लोगों के लिए इसका बहुत ही महत्व है क्योंकि इसी जगह पर दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का जन्म हुआ था। सिखों के लिए यह एक पवित्र तीर्थ स्थल है। यह सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए खुला रहता है।