एशिया

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एशिया एक महाद्वीप है। जिसमें कई देश आते हैं। यह एक बहुत बड़ा महा द्वीप है। जिसमें यात्रा हेतु कई स्थान है। यहाँ पहाड़ो से घिरा हुआ काला सागर है जो पश्चिम में बर्फ से घिरा हुआ है। एशिया में बाहर से कई अधिक शहर और लोगों हैं। इसमें यात्रा हेतु बहुत ही बड़ा क्षेत्र है। इसमें कई पुराने और ऐतिहासिक इमारतें और भवन मौजूद है। यहाँ भारत में आगरा का ताज महल भी है।

एशिया में हर तरह के यात्रियों के लिए हर तरह का स्थान है। यहाँ कई नए नए खोज के साथ जापान, सिंगापुर, होंग कोंग, ताइवान, दक्षिण कोरिया आदि हैं। यहाँ कुछ देश ऐसे भी हैं जो बहुत सी पाबंदी के साथ यात्रा करने देते हैं, जैसे भूटान, मालदीव आदि। इसमें कुछ अपने भावी इतिहास के साथ ही अपने यात्रा के लिए बहुत ही अदभूत स्थान भी है, जैसे भारत चीन।

क्षेत्र[सम्पादन]

एशिया के क्षेत्र का रंगीन नक्शा
मध्य एशिया
इनमें दुनिया के ऐसे क्षेत्र आते हैं, जो आपस में काफी करीब हैं। ये देश कई सारे शानदार दृश्यों से भरा पड़ा है और एक सच्चे साहस से भरपूर सफर के लिए भी जाना जाता है।
पूर्व एशिया (चीन, होंग कोंग, जापान, मकाओ, मंगोलिया, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, ताइवान)
मध्य पूर्व (बहरीन, ईरान, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, टर्की, संयुक्त अरब अमीरात, यमन)
ये विश्व के इतिहास में सबसे पहली सभ्यता का जन्म स्थान है। ये क्षेत्र दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में से एक है, जिसमें बहुत तेजी से विकास हो रहा है और कई सारे विरासत मौजूद हैं।
रूस और कौकसूस
एशिया के अधिकाश भाग रूस के हैं, ये एक बहुत ही बड़ा देश है, जिसमें बहुत सारा खाली स्थान मौजूद है। कौकसूस काफी घना और गरम जगह है, लेकिन इसके कुछ भागों को अस्थिर माना जाता है। भौगोलिक रूप से इसके कुछ भागों को एशिया और यूरोप दोनों में लिया जाता है और कभी कभी इसे यूरोशिया के नाम से भी पहचाना जाता है।
दक्षिण एशिया (बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका)
दक्षिणपूर्व एशिया
ये गर्म और उमस वाला इलाका है। आप शहर के भीड़-भाड़ और तनाव से दूर इस क्षेत्र में स्थित बौद्ध मठों और उष्णकटिबंधीय समुद्री तटों में आराम कर सकते हैं।

परिचय[सम्पादन]

भूगोल[सम्पादन]

एशिया में स्थित समुद्र से 7000 मी॰ ऊँचा पहाड़

यहाँ कई तरह के स्थान होते हैं, जैसे बर्फीले, गर्म, जंगल वाले आदि। यहाँ कई बहुत बड़े और विश्व के सबसे बड़े पहाड़ भी मौजूद हैं। यहाँ हिम से ढका हुआ हिमालय भी है। हिम से ढके होने के कारण ही इसका नाम हिमालय पड़ा था। यह बहुत मन मोहक पहाड़ों में से एक है।

इसके विशाल क्षेत्र में फैले होने के कारण इसमें एक ही समय में कई मौसम होते हैं। इस कारण घूमने के लिए यदि आपको कोई मौसम अच्छा नहीं लगता है तो आप किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। इससे आप पूरे वर्ष भर एक ही मौसम का आनन्द भी उठा सकते हैं। यहाँ कई देशों में भी कई अलग अलग मौसम होते हैं। यदि कहीं वर्षा हो रही हो तो कहीं बहुत गर्मी भी हो रही होती है। इसके अलावा कुछ जगहों पर बर्फ भी गिरती रहती है। गर्मियों के दिनों में कुछ स्थानों में तापमान 100°C से भी ऊपर चला जाता है। यहाँ पर घने जगंल के कारण लोग शवास बहुत आछा लेते है।

यात्रा[सम्पादन]

विमान द्वारा[सम्पादन]

दुबई में स्थित हवाई अड्डा, जिसमें लगातार विमान आते जाते रहते हैं।

एशिया में विमान द्वारा यात्रा करना काफी सरल और अच्छा है। यहाँ कई उच्च गुणवत्ता युक्त हवाई अड्डे मौजूद हैं, जिसमें आप आसानी से अपने घूमने के स्थान तक जा सकते हैं। इसमें कुछ हवाई अड्डे बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिससे होते हुए ही आप किसी दूर स्थान तक जा सकते हैं। इनमें दुबई, सिंगापुर, टोक्यो, दिल्ली, होंग कोंग, जकार्ता आदि है। शंघाई, नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई कुछ मुख्य हवाई अड्डे हैं, जिससे आप चीन और भारतीय उपमहाद्वीप में घूम सकते हो।

रेल द्वारा[सम्पादन]

भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान में अत्यधिक विकसित रेल नेटवर्क है, पर साथ ही साथ दक्षिण पूर्व एशिया में ये सेवाएँ कम विकसित हैं। ये सभी देश तेज रेल योजनाओं में बहुत पैसा लगा रहे हैं, जिसमें चीन सबसे ज्यादा पैसा तेज और लंबी दूरी वाले रेलों की योजनाओं में लगा रहा है। ये केवल आराम से यात्रा करने के लिए ही नहीं बल्कि गति और कीमत के मामले में भी बहुत अच्छा है। भारत और रूस के बड़े हिस्सों में धीमी रेल वाली सेवा उपलब्ध है, जो स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बनाने का भी एक अच्छा तरीका है। चीन और जापान अपने अपने उच्च गति के रेल नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। चीन अपना ये विस्तार दक्षिण पूर्व एशिया में भी करने की योजना बना रहा है, जो संभवतः उनमें उत्तर और दक्षिण कोरिया भी शामिल है। दक्षिण कोरिया भी अपने रेल मार्ग को अगले कुछ दशकों में उच्च गति का बनाने की योजना बना रहा है, लेकिन राजनीतिक स्थिति के कारण इस समय अंतरराष्ट्रीय रिश्ता बनाया नहीं जा सकता है।

नाव द्वारा[सम्पादन]

एशिया का बन्दरगाह क्रूज वाला स्थान है, जिसमें कई सारे कंपनियों के क्रूज चलते हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया से रॉयल कैरिबियन और प्रिंसेस आते हैं, वहीं उत्तर अमेरिका से प्रशांत सागर को पार करते हुए हॉललैंड अमेरिका नाम का क्रूज आता है। अफ्रीका के नदी से होते हुए आने पर आपको समुद्री डकेतों को मजाक में नहीं लेना चाहिए। ये मलाक्का के जल वाले इलाके में काफी कम हो गए हैं, लेकिन फिर भी इस तरह की घटना देखने को मिलती रहती है।

खाना[सम्पादन]

एशिया में विभिन्न प्रकार के खाने उपलब्ध हैं, जो एक दूसरे से काफी अलग है। जैसे तुर्की के क़बाब से अरबी पीटा हो या भारतीय करी से चीनी नूडल, सभी एक दूसरे से भिन्न हैं। इसके अलावा आप चावल भी कई अलग अलग प्रकार के खा सकते हैं।

पीना[सम्पादन]

यहाँ आम तौर पर लोग चाय पीते हैं। यहाँ ताजे फल का रस और नारियल पानी पी सकते हैं। कुछ स्थानों में साफ पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं होता है। लेकिन बंद बोतल में आपको आसानी से पीने का पानी मिल सकता है। भारत और पाकिस्तान में आप लस्सी भी पी सकते हैं।

शराब यहाँ व्यापक रूप से मिलता है। लेकिन यहाँ कई मध्य पूर्वी देशों और भारत के कुछ भागों में गैर-कानूनी है। जापान, कोरिया और चीन में शराब मुख्य रूप से चावल से बनाई जाती है।

सोना[सम्पादन]

सोने हेतु उपलब्ध सुविधा, आपके स्थान के ऊपर निर्भर करती है। कुछ ऐसे स्थान भी हैं, जहाँ आप तंबू गाड़ कर सो सकते हैं और कई जगह पाँच सितारे होटल भी उपलब्ध है। जगह के अनुरूप कीमत भी बदलती रहती है।

सुरक्षा[सम्पादन]

इसके बहुत बड़े होने के कारण अलग अलग जगहों में अलग अलग सुरक्षा स्तर होता है। यह सामान्य रूप से एक सुरक्षित जगह है और कई विदेशी यात्रियों के आकर्षण का केन्द्र भी है। लेकिन कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जहाँ कानून नाम की कोई चीज नहीं बची। इसके कुछ उदाहरण में अफगानिस्तान, सीरिया और इराक का बहुत विशाल भाग शामिल है। अफगानिस्तान की सरकार केवल देश के भागों को ही नियंत्रित करती है और इराक में अभी युद्ध चल रहे हैं। इन देशों में जाने लायक कोई जगह नहीं है और यात्रियों से निवेदन भी किया जाता है कि वे इस तरह के जगहों से दूर ही रहें।

प्राकृतिक आपदा[सम्पादन]

कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं का खतरा एशिया में रहता है। दक्षिण एशिया में स्थित देशों में बारिश के कारण बाढ़ का खतरा रहता है। इसके अलावा उत्तर में स्थित देशों में भूकंप और चक्रवात का बहुत खतरा होता है। चीन के कुछ भागों में साँस लेने में भी बहुत परेशानी होती है, क्योंकि चीन में बहुत सारे कारखाने होने के कारण प्रादूषण के चलते शुद्ध हवा की बहुत कमी हो गई है।