दिल्ली

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दिल्ली का नक्शा

दिल्ली भारत की राजधानी है। यह दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आती है। यहाँ मुख्य रूप से हिन्दी भाषा बोली जाती है, हालांकि उर्दू, पंजाबी और अंग्रेज़ी भी जगह-जगह लोग समझ लेते है। यहाँ कई प्राचीन इमारत, महल और कई घूमने के स्थान मौजूद है।

परिचय[सम्पादन]

मौसम[सम्पादन]

दिल्ली का मौसम अलग अलग 5 तरह का है। शरद ऋतु दिसम्बर के मध्य से जनवरी के अंत तक रहता है। इसमें रात को तापमान बहुत कम हो जाता है और दिन में तापमान अधिक रहता है। इस दौरान अधिक धुंध होने के कारण कई उड़ाने रद्द होते रहती है। फरवरी से मार्च के मध्य यहाँ बहुत अच्छा मौसम होता है। अप्रैल से जून के मध्य यहाँ बहुत अधिक गर्मी रहती है। इसके बाद जुलाई से सितम्बर तक मानसून के कारण बरसात होते रहता है। इसके बाद अक्टूबर में धीरे धीरे गर्म दिन और ठंडी रात शुरू हो जाती है।


यात्रा[सम्पादन]

विमान द्वारा[सम्पादन]

  • इन्दिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा - यहीं से अधिकतर यात्री दिल्ली आते हैं। एक हादसे के बाद इस पूरे हवाई अड्डे को नया बनाया गया, इस कारण अब ये सभी नई सुविधाओं से युक्त है।

बस द्वारा[सम्पादन]

नेपाल के काठमांडू और चितवन से 36 घंटे या उससे अधिक समय में बस आता है, जो भारत के लगभग हर शहर में जाता है। लेकिन यह रेल के जितना आरामदायक नहीं होता है। कुछ जगहों जैसे पर्वतों से आने के लिए केवल बस का ही विकल्प बचता है।

रेल द्वारा[सम्पादन]

घूमना[सम्पादन]

बस द्वारा[सम्पादन]

दिल्ली का हर हिस्सा बस द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसकी टिकट भी ₹5-15 के आसपास ही पड़ेगी, जो काफी सस्ती है। लेकिन ज्यादातर समय इसमें भीड़ अधिक होता है। लाल रंग के बस में आपको एसी की सुविधा मिलेगी, जबकि हरे रंग के बस में यह सुविधा नहीं है। बस अड्डों में बस के मार्ग के बारे में कोई जानकारी नहीं दी होती है। यदि आपको मार्ग नहीं पता तो उसे ढूंढने में आपको परेशानी हो सकती है। आप बस अड्डे में बस की प्रतीक्षा कर रहे लोगों से इस बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ लगभग सभी मार्गों में बस हर 15 से 20 मिनट में आते जाते रहता है। दिल्ली में दो अलग अलग प्रकार के बस होते हैं।

  • सरकारी बस - सरकारी बस में आपको लाल और हरे रंग का बस देखने को मिलेगा, जिसमें बड़ी खिड़की दी होती है।
  • निजी बस - निजी बस का रंग नारंगी होता है।

देखें[सम्पादन]

  • लाल किला दिल्ली में देखने लायक स्थानों में सबसे अच्छा है। इसका निर्माण मुगल शासक शाह जहाँ ने करवाया था। इसके लिए लाल रंग के पत्थरों का उपयोग किया गया है। इसका निर्माण वर्ष 1648 में हुआ था।
  • छत्ता चौक - यह इसके नाम की तरह पूरे बाजार के ऊपर छत्ते की तरह फैला रहता है। इसी कारण इसे छत्ता चौक नाम से पुकारा जाता है।
  • दीवाने आम - इसके नीचे का हिस्सा पूरी तरह से मार्बल का बना हुआ है।
  • दीवाने खास - यह पूरी तरह से मार्बल का बना हुआ है। यहाँ पर बादशाह केवल कुछ खास लोगों से ही मिलते थे।
  • रंग महल - यहाँ सुल्तान की पत्नी रहती थी।
  • दावत खाना - इसमें मुख्य रूप से राजकुमार रहते थे। लेकिन अंग्रेजों ने इसमें कब्जा करने के बाद इसे खाने पीने का स्थान बना दिया था।
  • स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय - यह छत्ता चौक के बाएँ ओर है। इसमें भारत के आजादी से जुड़े वस्तुओं को रखा गया है।
  • कुतुब मीनार -महरौली में स्थित यह स्मारक कुतुबुद्दीन एबक द्वारा बनवाया गया था।
  • कमल मन्दिर - दक्षिण दिल्ली में स्थित इस मन्दिर को बहाई मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है।
  • अक्षरधाम मन्दिर-

खरीदें[सम्पादन]

खाना[सम्पादन]

दिल्ली में रहने वाले लगभग सभी चीजों के बारे में शिकायत करते रहते हैं, लेकिन यहाँ का भोजन उनकी मांगों को संतुष्ट कर देता है। यहाँ आप केवल भारतीय उपमहाद्वीप में मिलने वाले सभी अच्छे भोजन चख सकते हैं। इतना ही नहीं, यहाँ धीरे धीरे कई अंतर्राष्ट्रीय भोजनालय खुलने लगे हैं, जिससे आप दुनिया के कई प्रकार के भोजन भी खा सकते हैं। जब आप कोई खाना लाने को बोल रहे हों, तो इस बात का ख्याल रखें कि दिल्ली निकटतम समुद्र से लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस कारण सब्जी, चिकन और मटन के भोजन को लाना बस है।

पीना[सम्पादन]

  • आप की पसंद चाय की दुकान - 15 नेताजी सुभाष मार्ग, दरयागंज, डाक घर के सामने स्थित है। आप आसानी से लाल किले से चलते हुए यहाँ आ सकते हैं। भारतीय चाय पीने का यह बहुत अच्छा स्थान है।

सोना[सम्पादन]

दिल्ली के होटलों में धूम्रपान की अनुमति नहीं है। यदि आप सस्ते होटल में रहना चाहते हैं तो ऐसे होटल आपको शहर के बीचों बीच और नई दिल्ली में मिलेंगे। कुछ और होटल भी हैं, जो थोड़े दक्षिण की ओर हैं। यह दक्षिण से लेकर हवाई अड्डे तक फैले हुए हैं। तो आपको इस रास्ते में कहीं भी आसानी से सस्ते होटल मिल सकते हैं। सस्ते होटलों में ₹400-2,500 तक पैसा लगता है।

सस्ते होटलों में अच्छी सुविधाओं की कमी होती है। यदि आपको थोड़ी अच्छी सुविधा चाहिए तो आप थोड़े महंगे होटल में रह सकते हैं। जिसमें खटिया और भोजन आदि की अच्छी सुविधा होती है। दिल्ली में बहुत महंगे होटल भी मौजूद है, जो नई दिल्ली में मिलेंगे। कुछ होटल दक्षिण की ओर भी हैं। इन होटलों का खर्चा सामान्यतः ₹8000 से अधिक ही होता है।

संचार[सम्पादन]

मोबाइल फोन का नेटवर्क इस शहर में काफी अच्छा है। यहाँ यह सेवा देने हेतु कई नेटवर्क प्रदाता हैं। प्रीपैड के साथ मोबाइल लेना आपके लिए अच्छा रहेगा, जिससे आप पूरे शहर से जुड़े रह सकते हैं। दिल्ली में फोन नंबर 011 से शुरू होता है और उसके बाद 8 अंकों का उपयोग होता है। यदि आपको भारत के बाहर किसी से बात करना है तो आपको अंतर्राष्ट्रीय कोड के बाद देश का कोड लगा कर बात करना होगा। यदि आप किसी फोन पर कॉल करना चाहते हैं तो आपको उसके फोन नंबर के आगे 011 लगाना होगा।