जापान

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पूर्वी एशिया में जापान

जापान (जापानी: 日本) पूर्वी एशिया महाद्वीप में पूर्व की ओर स्थित एक द्वीप देश है, जो चारों ओर से जल से घिरा हुआ है। यहाँ की आधिकारिक भाषा जापानी है। यहाँ एक बहुत ही अनोखी, जटिल संस्कृति विकसित हुई है, जबकि यह अन्य प्राचीन सुदूर पूर्वी संस्कृतियों के निकट है। विशेष तौर पर चीन का इस पर विशेष स्थायी प्रभाव है। जबकि यह हमेंशा से युद्धरत देश रहे हैं। जापान दुनिया का सबसे घनी जनसंख्या वाला देश है। इसके शहरों में जीवन काफी व्यस्त है। यह देश सर्वदा अपना बल आंतरिक संतुलन, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य को देता है, यह अब अधिक महत्त्वपूर्ण होता जा रहा है।

क्षेत्र[सम्पादन]

जापान के क्षेत्र
होक्काइडो
यह जापान का उत्तरी द्वीप है, जिसमें बर्फ भी जमे रहता है। यह जगह अपने बड़े खुले क्षेत्र और बहुत ही ठंडे शीत ऋतु के कारण प्रसिद्ध है।
टोहोकू (औमोरी, इवाते, अकिटा, मियागी, यामगाटा, फुकुशिमा)
यह मुख्य द्वीप का उत्तरी-पूर्व इलाका है। इसे जलीय खाने के कारण काफी जाना जाता है।
कांटो (इबाराकी, टोचिगी, गुनमा, साइटमा, चिबा, टोक्यो, कनागवा)
यह एक तटीय इलाका है, जिसमें टोक्यो और योकोहामा जैसे शहर शामिल है।
चुबु (निगाटा, टोयामा, इशिकावा, फुकुई, यामनाशी, नागानो, शिजुओको, आईची, गिफू)
यह होंशु का मध्य पहाड़ी क्षेत्र है।
कांसाई (शिगा, मैये, क्योटो, ओसाका, नारा, वाकायामा, हयोगो)
यह होंशु के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। यह एक बहुत पुराना सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से इसकी राजधानी था। इसमें ओसाका, क्योटो, नारा और कोबे नामक शहर मौजूद है।
चुगोकु (टोटोरी, शिमाने, ओकायामा, हिरोशिमा, यामागुची)
दक्षिण-पूर्वी होंशु में यह स्थित है। यह क्षेत्र हिरोशिमा और ओकायामा नामक क्षेत्रों के कारण जाना जाता है।
शिकोकु (कगवा, एहिमे, टोकुशिमा, कोची)
चार मुख्य द्वीपों में से सबसे छोटा द्वीप है।
क्यूशु (फुकुओका, सागा, नागासाकी, ओइटा, कुमामोटो, मियाजाकी, कागोशिमा)
यह द्वीप चार मुख्य द्वीपों में सबसे दक्षिण दिशा में स्थित है। इसे जापानी सभ्यता का जन्मस्थान भी माना जाता है।
ओकिनावा
उपऊष्मकटिबंधीय द्वीप समूह है, जिसमें रियूक्यू साम्राज्य था और 1879 के बाद यह स्वतंत्र जापान में शामिल हो गया। इसकी संस्कृति और सभ्यता जापान के अन्य हिस्सों से थोड़ी ही अलग है।

परिचय[सम्पादन]

टोक्यो, जापान में चेरी के फूल

इसे उगते सूरज का देश भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ सबसे पहले दिन होता है। जैसा हम नक्शा देखते हैं, तो पूर्वी दिशा में सबसे पहले जापान पड़ता है और नक्शे के अनुसार व समय प्रणाली के अनुसार भी सबसे पहले दिन की शुरुआत जापान में होती है। यहाँ इसकी संस्कृति सदियों से फल फूल रही है और अभी तक सभी के द्वारा अपनाया गया है। यहाँ नवीनतम आधुनिक शैली का निर्माण किया जाता है, जो बाद में पूरी दुनिया में फैल जाता है।

मौसम[सम्पादन]

यहाँ मुख्य रूप से चार ऋतु होते हैं। गर्मी का मौसम जून से शुरू होता है। जुलाई और अगस्त में यह 40 डिग्री से भी अधिक हो जाता है। यहाँ बसंत का मौसम सितम्बर से शुरू होता है। इस दौरान आसमान साफ रहता है, लेकिन कई बार चक्रवात भी इस दौरान आ जाता है। फिर भी यह ऋतु जापान में रहने और आने के लिए सबसे अच्छा रहता है। इस ऋतु में तापमान भी अधिक नहीं होता है और बहुत अधिक वर्षा भी नहीं होती है। मार्च से अप्रैल के मध्य यहाँ चेरी फूल खिलता है, जो काफी प्रसिद्ध है। यह कई तरह के उत्सव और त्योहारों का समय होता है।

गर्मियों का समय जून से शुरू होता है। यहाँ इस दौरान बहुत कम बारिश होती है, जिसे "त्सुयु" के नाम से भी जाना जाता है। जून के बाद जुलाई से अगस्त के मध्य का मौसम इस वर्षा को गरम पानी में बदल देता है। जिससे आपको ऐसा लगेगा जैसे आप गर्म पानी में नहा रहे हैं। इस दौरान अत्यधिक नमी आ जाती है और तापमान चालीस के पार चले जाता है।

यहाँ शरद ऋतु में बहुत अच्छा रहता है। कई भवनों में गर्मी के लिए अच्छी व्यवस्था होती हैं।

संस्कृति[सम्पादन]

जापान काफी लम्बे समय से खुला और उसके इतिहास में भी वह अलग-थलग रहा है। इसके इतिहास में चीनी संस्कृति का बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है, जो जापानी संस्कृति में आसानी से देखा जा सकता है। यह इनके मूल रूप में पूरी तरह घुल मिल गया है। इसके अतिरिक्त भी कुछ और से इनकी संस्कृति प्रभावित हुई है। परन्तु सबसे अधिक प्रभाव केवल चीनी संस्कृति का ही दिखाई देता है।

छुट्टी[सम्पादन]

टोक्यो में मत्सुरी के दौरान

सबसे अहम छुट्टी जापान में नववर्ष (お正月 ओशूगत्सु) को होती है। इस दौरान 30 दिसम्बर से लेकर 3 जनवरी तक पूरा देश पूरी तरह से बंद रहता है। सभी जापानी लोग इस दौरान अपने अपने घर में परिवार से मिलने जाते हैं। इसके कारण यातायात पर प्रभाव पड़ता है। इस दौरान सभी इस उत्सव में उत्सव का भोजन खाते हैं और पास के मन्दिर में जा कर मंगल कामना करते हैं। कई जापानी लोग दूसरे देशों में भी यात्रा करते हैं। इस दौरान विमान का किराया काफी अधिक बढ़ जाता है।

मार्च या अप्रैल में जापानी एक बाहर घूमने का त्योहार (花見, फूल देखना) भी मनाते हैं। इसे इसमें लोग घर से बाहर निकल कर दूर कहीं पर पेड़ों के नीचे बैठ कर चेरी (桜 सकुरा) के फूलों को गिरता देखते हुए खाना खाते हैं। इसका सटीक समय हर वर्ष बदलते रहता है।

गर्मी के मौसम में जो उत्सव मनाया जाता है, उसका मुख्य कारण लोगों के मन को असहनीय गर्मी से हटकर किसी और जगह लगाना है। इस दौरान स्थानीय त्योहार (祭 मत्सुरी) और अतिशबाजी वाले प्रतियोगिता (花火 हनबी) भी होता है। टनबटा (七夕) 7 जुलाई को और कुछ स्थानों में अगस्त के शुरुआत में भी होता है।

गर्मी का सबसे बड़ा त्योहार ओबोन (お盆) है, जो जुलाई के मध्य में पूर्वी जापान और अगस्त के मध्य में पश्चिमी जापान में होता है। यह आत्माओं के सम्मान के लिए रहता है।

लोग[सम्पादन]

द्वीप होने के कारण जापान की जनसङ्ख्या अनेक सजातीय हैं। 99% लोग जापानी जाती के है। बाकियों में 10 लाख के लगभग कोरियाई लोग है और कुछ चीनी। स्वदेशी जातीय अल्पसंख्यकों में ऐनू है जो लगभग 50,000 के आसपास है।

यात्रा[सम्पादन]

वीजा नीति

  • आने पर निःशुल्क वीजा: 15, 30 या 90 दिनों के लिए कुछ देशों के नागरिकों को मिलता है।
  • अस्थाई अतिथियों को: अधिकतम 90 दिनों के लिए कुछ छोटे कार्य जैसे यात्रा आदि हेतु।
  • कार्य हेतु वीजा: अधिकतम 3 वर्ष
  • सामान्य वीजा: अधिकतम 3 वर्ष
  • विशेष वीजा: अधिकतम 3 वर्ष (लंबे समय तक रहने हेतु)

आप अधिक जानकारी के लिए अपने करीबी जापानी दूतावास से बात कर सकते हैं।

कई पहले से बने देश के लोग, जो मुख्यतः अमेरिका, कनाडा या यूरोप आदि से आते हैं, उन्हें आने के बाद बिना वीजा के ही अनुमति मिल जाती है। यह अनुमति 90 दिनों के लिए मिलती है। मेक्सिकी और अन्य कुछ यूरोपीय देशों के नागरिकों को यदि वे आने पर अधिक समय मांगे तो 180 दिनों तक रुकने की अनुमति मिल जाती है। अन्य सभी देशों के अस्थाई अतिथियों को आने से पूर्व ही वीजा लेना होता है। यह वीजा सामान्यतः 90 दिनों के लिए वैध रहता है। जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार यदि आप जापान में उसी दिन उतरे और उसी दिन ही किसी अन्य देश हेतु रवाना हो गए तो आपको जापानी वीजा की कोई आवश्यकता नहीं होगी। बस आपको हवाई अड्डे के सुरक्षित स्थान से बाहर नहीं जाना है।

विमान द्वारा[सम्पादन]

ज्यादातर विमान टोक्यो के पास स्थित नारिटा हवाई अड्डे में आते हैं या ओसाका के पास स्थित कांसाई हवाई अड्डे में आते हैं। चुबू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में भी कुछ विमान आते हैं। यह हवाई अड्डा नागोया के पास स्थित है। इन तीनों हवाई अड्डों की दूरी अपने अपने शहर के केंद्र में बहुत ही कम है। यह सभी रेल और बस सेवा द्वारा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। टोकयो में एक और हवाई अड्डा भी है। हनेडा नामक यह हवाई अड्डा आज भी कई घरेलू विमानों द्वारा उपयोग किया जा रहा है। परन्तु अब अधिकतर अंतरराष्ट्रीय विमान नारिटा हवाई अड्डे से उड़ते हैं।

लगभग हर आकार के शहरों में आपको हवाई अड्डे मिल सकते हैं, लेकिन वे विशेषतः घरेलू उड़ानों के लिए होते हैं। हालांकि कुछ जगहों से आप चीन और दक्षिण कोरिया में भी जा सकते हैं। कुछ बार दोनों देशों से होते हुए जाने से जापान से दोनों देश जाना सस्ता पड़ जाता है।

नारीटा और कांसाई में आपको हवाई अड्डा आसानी से मिल जाएगा और यदि आप कुछ छुट्टियों के समय को छोड़ कर इन जगहों में आए हो तो आपको भीड़ भी बहुत कम दिखेगी। इन छुट्टियों के कुछ विशेष समय होते हैं, जैसे नववर्ष (दिसम्बर के अंत से जनवरी के शुरुआत दिन तक), सुनहरा सप्ताह (अप्रैल के अंत से लेकर मई के शुरुआत तक) और ओबोन (अगस्त के मध्य में) हैं। इस दौरान भीड़ तो होता ही है, लेकिन चीजों के दाम भी अधिक हो जाते हैं।

घूमना[सम्पादन]

दुनिया के सबसे अच्छे यातायात साधनों वाले देशों में जापान भी है। आसपास घूमने के लिए सामान्य तौर पर आपको कोई पुलिया मिल ही जाएगा और उसमें रेल से जाना सबसे प्रचलित विकल्प है। जापान में रेल बहुत कम बार या कभी देरी से नहीं चलते हैं। ये लगभग दुनिया का सबसे साफ सुथरा यातायात प्रणाली है। लेकिन यहाँ घूमना दूसरे एशियाई देशों के मुकाबले काफी खर्चिला जगह है।

स्मार्ट कार्ड[सम्पादन]

जापान में आने वाले पर्यटकों को सबसे पहले जिस चीज को लेना चाहेंगे, वो यही है। आप सार्वजनिक यातायात के लिए स्मार्ट कार्ड ले सकते हैं। इसमें आपको कई अलग अलग कंपनियों के कार्ड मिल सकते हैं, जिसमें प्रमुख कंपनी पस्मो और सुइसा है। 2013 से सभी एक दूसरे से बदले जा सकते हैं। अर्थात आप कोई भी कार्ड का उपयोग पूरे देश में कहीं भी कर सकते हैं। इसका उपयोग आप दुकानों, भोजनालयों आदि में कर सकते हैं, हालांकि इसका उपयोग शिंकांसेन बुलेट ट्रेन में नहीं कर पाएंगे।

इस तरह के कार्ड को आप किसी भी स्टेशन से खरीद सकते हैं। इस तरह के कार्ड आपको हवाई अड्डों में भी मिल सकते हैं और इसके लिए आपको शुरू में ¥500 की रकम और जितना आप इसमें उपयोग करना चाहते हैं, उतना और रकम देना होता है। आप चाहें तो और रकम भी कार्ड में उसी जगह से डाल सकते हैं। आपका जमा किया हुआ रकम और जो आप इसमें डालते हैं, उसका बचा हुआ पैसा भी आप जापान से लौटते समय वापस ले सकते हैं। आप चाहें तो कार्ड को अपने साथ रख भी सकते हैं, ताकि अगली बार जब आप वापस जापान आयें तो उसका उपयोग कर सकें, क्योंकि इस तरह के कार्ड पूरे दस सालों तक मान्य रहते हैं।

रेल द्वारा[सम्पादन]

एन700 शिनकांसेन ट्रेन
एन700 शिनकांसेन ट्रेन

जापान में दुनिया का सबसे आराम दायक रेल सुविधा उपलब्ध है। शिनकांसेन (新幹線) दुनिया का सबसे तेज चलने वाला रेल है, इसे अंग्रेजी में बुलेट ट्रेन कहते हैं।

जापान के रेलों में आपको सामान रखने के लिए पर्याप्त बड़ा जगह नहीं मिलेगा। इसका मतलब ये है कि आप वहाँ बस एक छोटे से शूटकैश के अलावा और कुछ भी साथ नहीं रख पाएंगे। हालांकि जापान में कूरियर सेवा बहुत ही सरल और सस्ती है। इस सेवा से आप अपने अगले होटल में अपना सामान ले जा सकते हो। इसमें केवल एक ही समस्या है। सभी सामान को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने में लगभग एक दिन का समय लग ही जाता है। इस कारण आपको कम से कम एक छोटा बैग अपने साथ रख लेना चाहिए, जिससे आप अपने कपड़े और कुछ जरूरी चीजों का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकें।

नाव द्वारा[सम्पादन]

देखा जाये तो जापान के द्वीप देश होने के कारण वहाँ नाव का बहुत उपयोग किया जाना चाहिए था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इसका उपयोग यातायात के लिए बहुत ही कम होता है। इसके कई कारणों में से सभी द्वीपों का एक दूसरे से पूल आदि के जरिये जुड़ना भी है। होवरक्राफ्ट और जेट फेरी बहुत तेज होते हैं, लेकिन उतने महंगे भी पड़ते हैं। आपको घंटे भर की दूरी के लिए ¥2000-5000 तक देने पड़ सकते हैं।

खरीदें[सम्पादन]

मुद्रा[सम्पादन]

जापानी येन की मुद्रा परिवर्तन दर

  • अमेरिकी डॉलर $1 ≈ ¥110
  • पाउंड €1 ≈ ¥120
  • ब्रिटिश पाउंड £1 ≈ ¥140

मार्च 2017 के अनुसार है।

जापान की मुद्रा को जापानी येन कहते हैं, जिसे छोटे रूप में ¥ (जिसे मुद्रा परिवर्तन करते समय या अन्य कार्यों JPY से भी पहचाना जाता है।) में के निशान से दिखाया जाता है। जापानी भाषा में इसे 円 के रूप में लिखा जाता है। इसका उच्चारण भी येन ही होता है।

  • सिक्का : ¥1 (चाँदी), ¥5 (बीच में छेद के साथ सोने का सिक्का), ¥10 (तांबा), ¥50 (बीच में छेद के साथ चाँदी का सिक्का) और ¥500 का सिक्का है। इसमें ¥500 के दो अलग अलग सिक्के चलते हैं। इन दोनों को आप रंगों से आसानी से पहचान सकते हैं। पुराना वाला चाँदी का था और नया वाला सोने का है।
  • नोट : ¥1,000 (नीला), ¥2,000 (हरा), ¥5,000 (बैंगनी), और ¥10,000 (भूरा), ¥2,000 का नोट बहुत कम देखने को मिलता है। ¥2,000 के नोट को छोड़ कर नवम्बर 2004 को सभी नोटों के लिए नए डिजाइन के नोट बाजार में लाये गए थे। इसके कारण बाजार में दो अलग अलग प्रकार के नोटों का चलन है। बहुत से व्यापारी आपके द्वारा बहुत कम रकम की चीज खरीदने पर ¥10,000 का नोट देने पर भी कोई लेने से इंकार नहीं करेगा।

जापान मूल रूप से ही नकदी में लेनदेन करने वाला देश है, लेकिन फिर भी विदेशों से आने वाले ग्राहकों के लिए यहाँ के दुकानदार और होटल वाले क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा देते हैं। लेकिन यह सुविधा आपको छोटे दुकानों, छोटे होटलों आदि जगहों पर नहीं मिलेगी। इसके अलावा जो क्रेडिट कार्ड लेते भी हैं, वे लोग इसके साथ कुछ शुल्क भी ले लेते हैं, पर आज कल इस तरह का अलग से शुल्क लेने वाली घटना देखें को नहीं मिलती है। जापान में क्रेडिट कार्ड में सबसे प्रचलित और प्रसिद्ध कार्ड जेसीबी का है। डिस्कवर और जेसीबी के बीच गठबंधन होने के कारण वीजा / मास्टर कार्ड / यूनियन पे की तुलना में इसे काफी अधिक जगह स्वीकार किया जाता है। पर इसका कोई कोई सीधा लाभ नहीं होता है, क्योंकि कई सारे व्यापारियों को केवल जेसीबी और एमएक्स के मध्य समझौते के बारे में पता है। इस कारण आप डिस्कवर वाले क्रेडिट कार्ड को देंगे तो वे उसे लेने से ही मना कर देंगे। लेकिन आप उन्हें ऐसा करने को कहें, तो यह जरूर काम कर सकता है।

जापानी लोग आमतौर पर बड़ी मात्रा में नगदी लेकर जाते हैं। यहाँ ऐसा करना काफी सुरक्षित है और छोटे शहरों में या किसी ऐसे जगह में जाने पर, जो ठीक से शहरों से जुड़ा न हो, वहाँ इस तरह से नगदी ले जाने की बहुत जरूरत पड़ती है। कई शहरों में अपनी खरीददारी करने के लिए जापानी लोग अपना मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं। यहाँ मोबाइल फोन का उपयोग क्रेडिट कार्ड की तरह होता है और कई तरह के काम भी आसानी से मोबाइल से हो जाते हैं। इसमें यह फोन के बिल के रूप में आता है या यह प्रीपैड कार्ड की तरह भी उपयोग होता है, जिसमें पैसे पहले दिये जाते हैं और बाद में उसका उपयोग होता है। लेकिन इस तरह की सुविधा केवल जापानी फोन और सिम कार्ड में ही आपको मिलेगा, इस कारण जो विदेशी लोग केवल कुछ समय के लिए आते हैं, उनके लिए इसकी सुविधा उपलब्ध नहीं है।

यदि आपके पास कोई जापानी फोन है, तो कोई नया प्रीपैड सिम लेते हैं, तो इसे शुरू करने के लिए आपको इंटरनेट लगेगा और उसके उपयोग से उसका पैसा भी लगेगा। इस तरह के खर्च को आप वाईफाई की सहायता से बचा सकते हैं। वैसे केवल फीचर फोन में ही सिम को शुरू करने की जरूरत पड़ती है। एक बार आपने अपने फोन से उनका अवरोध हटा लें तो आप किसी भी सिम को लगा कर किसी भी तरह से उसे शुरू भी कर सकते हैं। इसके बाद आप वाईफाई का भी उपयोग कर सकते हैं, अपने सिम का भी और किराये पर लिए सिम का भी उपयोग कर सकते हैं। इसका मतलब ये है कि आप अपने आने से पहले भी इसके लिए तैयारी कर सकते हैं। सुइसा और एडी दो बड़े प्रीपैड कार्ड के एप पहले से स्मार्ट फोन में रहते हैं। ये लोग पहले से क्रेडिट कार्ड वालों से मिले रहते हैं, जिसके कारण मोबाइल बिल नहीं देना होता है, सीधे क्रेडिट कार्ड से काम हो जाता है। सुइसा ¥1000 वार्षिक शुल्क लेता है, यही एक तरीका है, जिससे आप सुइसा में क्रेडिट से पैसे डाल सकते हैं, जो जेआर द्वारा जारी नहीं हुआ है। हालांकि यह कुछ दूसरे देशों के कार्ड भी उपयोग कर लेता है, जिसमें जेसीबी और अमेरिकन एक्सप्रेस है। इसका ध्यान रखें कि सुइका या एडी से आप कुछ बड़ी खरीद करते हैं, तो एमएक्स का खरीद पर सुरक्षा और वारंटी लागू नहीं होती है।

जापान में कोई भी बड़े बैंक में आप अमेरिकी डॉलर (नगद या चेक) को किसी विदेशी मुद्रा के साथ बदल सकते हैं, अर्थात मुद्रा विनियम कर सकते हैं। दर लगभग सभी बैंकों में एक जैसा ही मिलेगा, लेकिन कुछ निजी विनिमय करने वालों के पास आपको अच्छे और बुरे दोनों दर मिल सकते हैं। बैंक में आपको 15 से 30 मिनट तक रुकना पड़ सकता है। इसका समय बैंक के ब्रांच के व्यस्त होने पर ही निर्भर करता है। अमेरिकी डॉलर के अलावा यहाँ कनाडाई, ऑस्ट्रेलियाई, और न्यूज़ीलैंड के डॉलर चलते हैं। इसके साथ साथ यूरो और ब्रिटिश पाउंड और कई एशियाई मुद्रा भी चलती है। बहुत से जगहों में चलने में सिंगापुर का डॉलर और उसके बाद कोरिया का वोन और चीन का युआन भी शामिल है।

अमेरिकी डॉलर और यूरो को बदलने में काफी अच्छी दर मिल जाती है, जो आधिकारिक दर से 2% कम होता है, लेकिन दौरे मुद्राओं के बहुत बेकार दर में मुद्रा परिवर्तन होता है, जो आधिकारिक दर से 15% तक नीचे होता है। कोरियाई वोन, चीनी युआन और होंगकोंग के डॉलर को छोड़ कर किसी भी एशियाई मुद्रा को आप यहाँ बदल नहीं सकते हैं। जापान के डाकघर यात्रा वाले चेक के बदले नगद देते हैं और येन के लिए नगदी का आदान प्रदान भी करते हैं। आप यदि $1,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक को बदलना चाह रहे हैं, तो आपको इसके लिए अपनी पहचान देनी होगी, जिसमें आपका नाम, पता और जन्मतिथि हो, पर पता ज्यादातर पासपोर्ट में नहीं होता है, तो आपको उसके जगह कोई और पहचान पत्र देना होगा, जैसे अपना गाड़ी चलाने का लाइसेंस आदि।

खाना[सम्पादन]

आकर्षक कइसेकि भोजन
आकर्षक कइसेकि भोजन

जापानी खाने इसके ताजा मौसमी खानों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इनके कई सारे भोजन में सफेद चावल डला होता है, जिसे थोड़ा भाप में पकाया जाता है। इसका जापानी शब्द गोहन (ご飯) है, जिसका अर्थ "भोजन" होता है। इनके भोजन में प्रोटीन के मुख्य स्रोत में सोयाबीन रहता है, जो कई तरह से जापानी भोजन में शामिल है, लेकिन खास तौर पे इसका उपयोग मिसो सूप (味噌汁 मिसो शिरो) के लिए किया जाता है। इसी के साथ साथ (豆腐 टोफू) और (醤 油 श्योयु) भी होता है। जापानी भोजन में समुद्री भोजन का बहुत ही खास स्थान है। कई सारे चीजों में उन्हीं भोजन का उपयोग किया जाता है, इसमें केवल समुद्री जीव ही शामिल नहीं है, बल्कि कई सारे समुद्र में पाये जाने वाले शैवाल आदि भी शामिल है। पूरा भोजन कुछ अचार (漬 物 त्सुकेमोनो) के साथ पूरा हो जाता है।

टोक्यो से बाहर निकलकर, जापान की सैर करने और कई जगहों की अलग अलग खानों को चखने में ही अपना एक अलग मजा है। देश के हर क्षेत्र में आपको कई अलग अलग तरह के भोजन खाने को मिलेंगे, जो वहाँ उगने वाले फसल और मछलियों के अनुसार होते हैं। जब आप होकाइडो में घूमने आयें तो ताजी साशिमि और केकड़ों को न भूलें। ओसाका में आपको खाने के लिए हरे प्याज के साथ ओकोनोमियाकी (お好み焼き) मिलेगा और ओक्टोपस या अष्टपाद की गेंद (たこ焼き टाकोयाकी) भी खाने को मिलेगा।

जापान में ज्यादातर खानों को दो छोटे छड़ी, जिसे जापानी भाषा में हाशि (箸) कहते हैं, से खाया जाता है। इससे खाने से पहले ऐसा करना कठिन लग सकता है, लेकिन खाने की शुरुआत से ही इससे आप आराम से भोजन कर सकते हैं। लेकिन इसमें माहिर होने के लिए थोड़ा समय जरूर लगता है। ध्यान रहे कि इसके उपयोग करने के दिशा निर्देश भी है।

  • कभी अपना कांटा चावल के कटोरी में सीधा न छोड़ें या किसी को भी खाने का कुछ भी अपने कांटे से न दें। यदि आप किसी को भोजन देना चाहते हैं, तो सीधे दे सकते हैं, या अपने प्लेट से भी दे सकते हैं।
  • एक बार कांटे का काम पूरा हो जाये तो आप उसे कटोरी या बर्तन के किनारे रख सकते हैं। कुछ अच्छे भोजनालयों में इसके लिए एक खास जगह भी बनाया जाता है। इसे हाशि-ओकि कहते हैं, जो छोटी लकड़ी के टुकड़े से बना होता है। आप चाहें तो कागज को मोड़ कर अपने लिए अपना हाशि-ओकि बना सकते हैं।
  • कांटे के छोर को चाटना बहुत छोटे वर्ग का माना जाता है। ऐसा करने से अच्छा है कि आप चावल को अपने कांटे से ही ले लें।
  • अपने कांटों से भोजन के अलावा कुछ भी, जैसे थाली या कटोरी को एक जगह से दूसरे जगह ले जाना अशिष्ट माना जाता है।
  • किसी को कांटे से दिखाना भी अशिष्ट माना जाता है, चाहे आप एक कांटे से दिखा रहे हों, या दोनों से भी दिखा रहे हों।
  • भोजन को कांटे से काटना भी अच्छा नहीं माना जाता है, इसे अंतिम उपाय के रूप में देखा जाता है।

भोजनालय[सम्पादन]

जापान में बहुत बड़ी संख्या में भोजनालय हैं। आपको कभी भी जगह की कमी नहीं पड़ेगी। जापानी लोग अपने सांस्कृतिक और व्यावहारिक कारणों से किसी भी अतिथि को अपने घर नहीं बुलाते हैं, उनका बाहर ही स्वागत किया जाता है। इस कारण उन्हें खाना भी बाहर ही खिलाते हैं। अधिक संख्या में लोगों का भोजनालयों में खाना खाने से जापान में चावल और नूडल पश्चिमी देशों की तुलना में काफी सस्ता खाना मिलता है। हालांकि एशियाई देशों की तुलना में ये अभी भी काफी महंगा है और यदि आप चावल और नूडलों के अलावा भी कुछ खाने की सोच रहे हैं या अच्छी तरह भर पेट खाने वाले हैं, तो आपको खाना और भी महंगा पड़ सकता है। आगे का भोजन और भी महंगा हो जाता है।

आपके खाने के बाद आपको बिल दे दिया जाएगा और आपको बिल का भुगतान बाहर जाते समय करना होता है। टेबल पर रकम रख कर न जाएँ। यहाँ बिल को कंजो या काइके कहा जाता है। बहुत देर होने से वहाँ उन लोग आ कर आपसे कहेंगे कि अब आपके अंतिम खाने का समय हो गया है। ऐसा तभी कहते हैं, जब सही में जाने का समय हो जाता है। लगभग पूरे देश में आपको खाने के बाद पैसे देकर सीधे बाहर जाना होता है। हालांकि कुछ महंगे भोजनालयों में ऐसा नहीं होता है।

सुरक्षित रहें[सम्पादन]

जापान दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक है। यहाँ अपराध की दर पश्चिमी देशों से भी कम है। सड़क पर आधी रात को भी अपराध होने की संभावना बहुत ही कम होती है। फिर भी यात्रियों को अकेले रात को यात्रा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा यहाँ जेब कतरे भी मौजूद होते हैं, जो खास कर भीड़ वाले जगह पर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।

आपको ट्रेन में काफी संभल कर रहना चाहिए, खास कर जब ट्रेन में काफी भीड़ हो। ऐसे समय में हो सकता है कि आपके ऊपर किसी और के किए काम का आरोप भी लग सकता है। इस तरह के मामले में गिरफ्तारी भी हो सकती है।