खजुराहो

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खजुराहो भारतीय राज्य मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रमुख शहर है जो अपने प्राचीन एवं मध्यकालीन मंदिरों के लिये विश्वविख्यात है। यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। मंदिरों का शहर खजुराहो पूरे विश्व में मुड़े हुए पत्थरों से निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। खजुराहो को इसके अलंकृत मंदिरों की वजह से जाना जाता है जो कि देश के सर्वोत्कृष्ठ मध्यकालीन स्मारक हैं। भारत के अलावा दुनिया भर के आगन्तुक और पर्यटक प्रेम के इस अप्रतिम सौंदर्य के प्रतीक को देखने के लिए निरंतर आते रहते है।

खजुराहो

परिचय[सम्पादन]

मौसम[सम्पादन]

खजुराहो घूमने का सबसे अच्छा मौसम फरवरी, मार्च, सितंबर,अक्टूबर,नवंबर, दिसंबर माह है। जून से लेकर सितंबर माह के पहले सप्ताह तक यहाँ अच्छी बारिश होती है। गर्मियों के मौसम में यहाँ भीषण गर्मी या तथा इसी प्रकार सर्दियों में अत्यधिक ठंड पड़ती है उन महीनों में जाने से बचना चाहिए

भाषा[सम्पादन]

हिन्दी, अंग्रेजी, इसके अतिरिक्त कई देशी विदेशी भाषाओ को जानने वाले स्थानीय गाइड वहा होते है जो की सहजता से भाषांतर कर सकते है

कैसे पहुँचे[सम्पादन]

हवाई मार्ग[सम्पादन]

खजुराहो वायु मार्ग द्वारा दिल्ली, मुंबई,हैदराबाद, वाराणसी और इंदौर जैसे शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। खजुराहो एयरपोर्ट शहर के केंद्र से लगभग २ कि॰मी॰ दूर स्थित है और शहर के केंद्र तक पहुँचने के लिए हवाई अड्डे से टैक्सियाँ उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग[सम्पादन]

खजुराहो रेलवे स्टेशन से दिल्ली, भोपाल, इंदौर और वाराणसी के लिए सीधी तथा सतना रेलवे स्टेशन होते हुए मुंबई और कोलकाता के लिए रेल सेवा है। दिल्ली और मुम्बई से आने वाले पर्यटकों के लिए झांसी भी सुविधाजनक रेलवे स्टेशन है। जबकि चेन्नई और वाराणसी से आने वालों के लिए सतना अधिक सुविधाजनक होगा। नजदीकी और सुविधाजनक रेलवे स्टेशन से टैक्सी या बस के माध्यम से खजुराहो पहुँचा जा सकता है।खजुराहो रेलवे स्टेशन मुख्य शहर के केंद्र से लगभग ५ कि॰मी॰ दूर है।

सड़क मार्ग[सम्पादन]

खजुराहो- महोबा, हरपालपुर, छतरपुर, सतना, पन्ना, झाँसी, आगरा, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, इन्दौर, भोपाल, वाराणसी और इलाहाबाद से नियमित और सीधा जुड़ा हुआ है। दिल्ली के राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से पलवल, कौसी कला और मथुरा होते हुए आगरा पहुँचा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 3 से धौलपुर और मुरैना के रास्ते ग्वालियर जाया जा सकता है। उसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 75 से झांसी, मउरानीपुर और छतरपुर से होते हुए बमीठा और वहां से राज्य राजमार्ग की सड़क से खजुराहो पहुँचा जा सकता है।

कहां घूमें[सम्पादन]

खजुराहो अपने कलात्मक मंदिर समूहों के लिए विश्व विख्यात है। यह पश्चिमी एवं पूर्वी मंदिर के समूहों में विभक्त है।पूर्वी समूहों में आदिनाथ मंदिर एवं जवारी मंदिर है। पश्चिमी समूहों में कंदरिया महादेव मंदिर,लक्ष्मण मंदिर एवं मातंगेश्वर मंदिर है।

क्या देखें[सम्पादन]

पुरातात्विक संग्रहालय[सम्पादन]

मूल रूप से वर्ष १९१० में डब्ल्यू ए जार्डाइन द्वारा निर्मित और २०१६ में नव निर्मित, यह पुरातत्व संग्रहालय पश्चिमी समूह मंदिरों के उत्तर में स्थित है। यह स्थान पर्यटकों की रुचि के आकर्षण प्रदान करता है जो अतीत की कहानियों को बताता है, पर्यटकों, इतिहासकारों के लिए यह एक विशिष्ट जगह है। अंदर, आप मूर्तियों, वास्तुशिल्प खंडहरों और विभिन्न दीर्घाओं का एक दुर्लभ संग्रह देख सकते हैं। इसके अलावा, आप कुछ जानकारी पैनल पर पा सकते हैं जो चंदेल इतिहास को दर्शाती है। इस तरह के संग्रहालय को बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का मुख्य उद्देश्य प्राचीन और अनमोल हैं प्राचीन वस्तुओं को संरक्षित करना है।

खजुराहो नृत्य समारोह[सम्पादन]

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल के माध्यम से आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव, प्रतिवर्ष आयोजित शास्त्रीय नृत्यों का एक सप्ताह का उत्सव है। आजकल इस नृत्य समारोह में देश-विदेश के विख्यात कलाकार भी नृत्य प्रस्तुतियाँ देते हैं. यह उत्सव सामान्यतः फरवरी माह में आयोजित किया जाता है। यह समारोह भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों जैसे कि कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, और कथकली जैसे क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्धता को उजागर करता है। आधुनिक भारतीय नृत्य को हाल ही में इसमें जोड़ा गया है। नृत्य एक मुक्ताकाश सभागार में किए जाते हैं, आमतौर पर सूर्य (सूर्य देव) को समर्पित चित्रगुप्त मंदिर और पश्चिमी समूह से संबंधित भगवान शिव को समर्पित विश्वनाथ मंदिर के सामने इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.

खजुराहो नृत्य समारोह में कथक नृत्य की प्रस्तुति देते हुए

क्या करें[सम्पादन]

खरीदारी[सम्पादन]

मेल मिलाप[सम्पादन]

क्या खाएं[सम्पादन]

क्या पिए[सम्पादन]

कहां ठहरे[सम्पादन]

एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल होने के कारण खजुराहो में विश्व स्तरीय पांच सितारा होटल से लेकर साधारण होटल पर्याप्त संख्या में है, साथ ही यहाँ पर मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के कई होटल भी हैं।

सतर्कता/सावधानियाँ[सम्पादन]

वैसे तो खजुराहो बहुत सुरक्षित है फिर भी कई बार अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल होने के कारण कुछ विदेशी सैलानियों के साथ अप्रिय घटनाएं होने की भी जानकारी भी आई है. पर्यटक स्थलों पर बरतने वाली सामान्य सतर्कता रखनी चाहिए.

आगे कहाँ जाएं[सम्पादन]

खजुराहो की निकट पन्ना राष्ट्रीय उद्यान है तथा पन्ना में विश्व प्रसिद्ध हीरे की खदानें भी हैं।